अमेरिका ने वेनेज़ुएला के “कार्टेल डे लॉस सोलेस” को घोषित किया विदेशी आतंकवादी संगठन
अमेरिका ने वेनेज़ुएला के शक्तिशाली अपराध नेटवर्क “कार्टेल डे लॉस सोलेस” को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित कर दिया है। यह कदम वाशिंगटन की ओर से निकोलस मादुरो की सरकार से जुड़े आपराधिक तंत्र के खिलाफ एक बड़ी कार्यवाही मानी जा रही है। यह निर्णय 24 नवम्बर 2025 से प्रभावी होगा और इसका उद्देश्य वेनेज़ुएला में सरकारी संस्थानों के भीतर फैले नार्को-आतंकवादी ढांचे को कमजोर करना है।
वेनेज़ुएला की सत्ता संरचना पर सीधा प्रहार
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह कार्टेल राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी प्रशासनिक टीम के निर्देशन में कार्य करता है। अमेरिकी रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यह नेटवर्क वेनेज़ुएला की सेना, खुफिया एजेंसियों और न्यायिक संस्थानों में गहराई से जड़ें जमा चुका है। इसके माध्यम से मादुरो सरकार पर आरोप है कि वह क्षेत्रीय अपराध सिंडिकेट्स को संरक्षण और सहयोग प्रदान करती है।
अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क से जुड़ाव
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि “कार्टेल डे लॉस सोलेस” की साझेदारी लैटिन अमेरिका के कुख्यात गिरोहों “ट्रेन डे अरागुआ” और मैक्सिको के “सिनालोआ कार्टेल” से है। ये संगठन नशीली दवाओं की तस्करी के जरिए अमेरिका और यूरोप तक अपना जाल फैला चुके हैं। अमेरिकी वित्त विभाग ने इस कार्टेल पर उन संगठनों को सहयोग देने का आरोप लगाया है जिन्हें पहले ही विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया जा चुका है।
वाशिंगटन की राजनीतिक प्रतिक्रिया
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम उन समूहों के खिलाफ है जो अन्य प्रतिबंधित संगठनों के साथ मिलकर आतंकवादी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। अब “कार्टेल डे लॉस सोलेस” को अल-कायदा, आईएसआईएस और बोको हराम जैसे संगठनों की श्रेणी में रखा गया है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- “कार्टेल डे लॉस सोलेस” को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित करने का निर्णय 24 नवम्बर 2025 से लागू होगा।
- यह कार्टेल “ट्रेन डे अरागुआ” और “सिनालोआ कार्टेल” के साथ सहयोग करने का आरोपी है।
- लैटिन अमेरिका के आठ अन्य आपराधिक संगठन पहले से ही अमेरिकी आतंकवाद-संबंधी प्रतिबंध सूची में हैं।
- अमेरिकी नौसेना ने कैरेबियाई सागर में वेनेज़ुएला के तस्करी जहाजों पर 20 से अधिक अभियान चलाए हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए व्यापक रणनीति
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिका ने कैरेबियाई क्षेत्र में अपनी नौसैनिक गतिविधियाँ बढ़ा दी हैं। हाल ही में पेंटागन ने नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल जहाजों पर लक्षित हमले किए। अमेरिकी सरकार का कहना है कि FTO का दर्जा मिलने से “कार्टेल डे लॉस सोलेस” की आर्थिक और संचालन क्षमता सीमित होगी। इसके साथ ही अमेरिका अपने क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर पश्चिमी गोलार्ध में नार्को-आतंकवाद पर अंकुश लगाने की दिशा में आगे बढ़ेगा।