अमेरिका की लेक मेंडोटा में मिला 5,200 वर्ष पुराना नाविक अवशेष: प्राचीन सभ्यता की तकनीकी समझ का प्रमाण
संयुक्त राज्य अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य स्थित लेक मेंडोटा की गहराई में वैज्ञानिकों ने एक अद्भुत और प्राचीन नौका की खोज की है, जो उत्तरी अमेरिका में प्रागैतिहासिक मानव जीवन और तकनीकी ज्ञान पर नए दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। यह खोज इस बात का प्रमाण है कि हजारों वर्ष पहले ग्रेट लेक्स क्षेत्र में उन्नत काष्ठकला, मछली पकड़ने की परंपराएँ और पर्यावरणीय समझ विकसित हो चुकी थी।
लेक मेंडोटा की गहराई में मिली अनेक प्राचीन नावें
विस्कॉन्सिन हिस्टोरिकल सोसाइटी के शोधकर्ताओं ने लेक मेंडोटा की तलहटी में कुल 16 प्राचीन लकड़ी की नौकाएँ (डगआउट कैनोज़) खोजी हैं। पहली नाव वर्ष 2021 में मिली थी, जिसकी आयु लगभग 1,200 वर्ष आँकी गई। 2022 में खोजी गई दूसरी नाव लगभग 3,000 वर्ष पुरानी थी। 2025 की वसंत ऋतु में 6 और नावें मिलीं, जिनके साथ अब कुल संख्या 16 हो चुकी है। ये खोखले लकड़ी के लॉग से बनी नावें बताती हैं कि यह क्षेत्र लंबे समय तक पूर्व-ऐतिहासिक मानव समुदायों के स्थायी उपयोग में रहा।
सबसे पुरानी नाव: 3000 ईसा पूर्व की
कार्बन डेटिंग विश्लेषण के अनुसार सबसे पुरानी नाव लगभग 5,200 वर्ष पुरानी है, यानी इसका निर्माण लगभग 3000 ईसा पूर्व हुआ था। यह समयकाल मिस्र के पिरामिडों के निर्माण से पहले और मेसोपोटामिया में लेखन प्रणाली की शुरुआत के समकालीन था। यह नाव ग्रेट लेक्स क्षेत्र में अब तक की सबसे पुरानी डगआउट कैनो मानी जा रही है और पूर्वी उत्तर अमेरिका में तीसरी सबसे पुरानी नाव के रूप में दर्ज हुई है।
संसाधनों का उन्नत उपयोग और मछली पकड़ने की तकनीक
पुरातात्विक साक्ष्यों के अनुसार, इन नावों का उपयोग जलमार्गों पर नेविगेशन, मछली पकड़ने और आसपास के प्राकृतिक संसाधनों तक पहुँचने के लिए किया जाता था। कई नावों के साथ मिले फिशिंग नेट वेट्स (जाल भार) संगठित मछली पकड़ने की गतिविधियों का संकेत देते हैं। ये खोजें इस अवधारणा को चुनौती देती हैं कि प्राचीन उत्तर अमेरिकी समाज तकनीकी रूप से पिछड़े थे और यह दिखाती हैं कि उनमें गहन योजना, कारीगरी और पर्यावरणीय समझ मौजूद थी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- लेक मेंडोटा में अब तक कुल 16 प्राचीन डगआउट नावें खोजी गई हैं।
- सबसे पुरानी नाव की आयु लगभग 3000 ईसा पूर्व (5,200 वर्ष) आँकी गई है।
- यह स्थल ग्रेट लेक्स क्षेत्र (उत्तर अमेरिका) में स्थित है।
- नावों की आयु का निर्धारण कार्बन डेटिंग तकनीक से किया गया है।
ओक की लकड़ी, टायलॉस और प्राचीन बायोइंजीनियरिंग
इन नावों में से आठ नावें रेड ओक या व्हाइट ओक से बनी थीं। आमतौर पर रेड ओक पानी अवशोषित करता है, जिससे नाव के सड़ने की संभावना अधिक होती है। परंतु वैज्ञानिकों का मानना है कि प्राचीन नावनिर्माताओं ने जानबूझकर ऐसी क्षतिग्रस्त या तनावग्रस्त ओक पेड़ों का चयन किया जिनमें टायलॉस (tyloses) नामक प्राकृतिक रचनाएँ विकसित हो जाती हैं। ये टायलॉस लकड़ी की नलिकाओं को अवरुद्ध कर पानी के प्रवेश को रोकती हैं, जिससे नाव अधिक टिकाऊ और तैरने योग्य बनती है। यह बायोइंजीनियरिंग का एक प्रारंभिक रूप है, जो उस समय के लोगों की गहरी पारिस्थितिकीय समझ को दर्शाता है।
लेक मेंडोटा में मिली यह खोज केवल एक पुरातात्विक वस्तु नहीं है, बल्कि यह अतीत के लोगों की तकनीकी, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय समझ का एक जीवंत प्रमाण है, जो मानव सभ्यता के इतिहास में एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।