अमेज़न के अमोंडावा जनजाति में समय की अलग अवधारणा
ब्राज़ील के अमेज़न वर्षावनों की गहराइयों में रहने वाली अमोंडावा जनजाति आधुनिक सभ्यता की तरह समय की पारंपरिक अवधारणा का उपयोग नहीं करती। शोधकर्ताओं के अनुसार इस समुदाय की भाषा और संस्कृति में “समय”, “सप्ताह”, “महीना” या “वर्ष” जैसे शब्दों के लिए कोई समानार्थी शब्द नहीं है। उनके दैनिक जीवन की संरचना घड़ी या कैलेंडर के बजाय प्राकृतिक चक्रों पर आधारित होती है। यूनिवर्सिटी ऑफ पोर्ट्समाउथ के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन, जो “लैंग्वेज एंड कॉग्निशन” नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है, ने यह समझने का प्रयास किया कि यह जनजाति घटनाओं और जीवन को किस प्रकार समझती है।
मापने योग्य समय के बिना भाषा
अमोंडावा भाषा में समय को मापने वाली किसी इकाई के लिए शब्द मौजूद नहीं हैं। हालांकि जनजाति के लोग घटनाओं के क्रम का वर्णन कर सकते हैं, लेकिन वे समय को एक स्वतंत्र और अमूर्त अवधारणा के रूप में नहीं देखते।
अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर क्रिस सिन्हा के अनुसार इसका अर्थ यह नहीं है कि यह समुदाय “समय के बिना” जीवन जीता है। बल्कि वे समय को औद्योगिक समाजों की तरह रैखिक और संख्यात्मक रूप में नहीं समझते। उनके दैनिक कार्य सूर्योदय, सूर्यास्त और मौसम के चक्रों से निर्धारित होते हैं।
आयु के बजाय पहचान का महत्व
अमोंडावा समाज की एक विशेषता यह भी है कि यहां लोगों की आयु को संख्याओं में नहीं गिना जाता। जन्मदिन दर्ज नहीं किए जाते और लोग अपनी उम्र का हिसाब नहीं रखते। इसके बजाय जीवन के अलग-अलग चरणों को पहचान के परिवर्तन से चिह्नित किया जाता है।
जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, उन्हें नए नाम दिए जाते हैं और जीवन के अलग-अलग चरणों में एक व्यक्ति कई बार अपना नाम बदल सकता है। इस प्रकार सामाजिक पहचान और भूमिका ही किसी व्यक्ति की परिपक्वता और स्थिति को निर्धारित करती है, न कि उसकी संख्यात्मक आयु।
आधुनिक संपर्क से उत्पन्न चुनौतियां
बाहरी दुनिया से बढ़ते संपर्क ने इस समुदाय के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं। प्रशासनिक प्रक्रियाओं जैसे पहचान पत्र या पासपोर्ट के लिए जन्मतिथि की आवश्यकता होती है, जबकि इस समुदाय में जन्म तिथि का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता।
सरकारी व्यवस्थाओं से बेहतर संपर्क के लिए उन्हें पुर्तगाली भाषा सिखाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि विद्वानों का मानना है कि इस प्रकार का संपर्क धीरे-धीरे उनकी पारंपरिक भाषा और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रभावित कर सकता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अमोंडावा जनजाति ब्राज़ील के अमेज़न वर्षावन क्षेत्र में रहती है।
- उनकी भाषा में वर्ष, महीना या सप्ताह जैसे समय की माप से जुड़े शब्द नहीं पाए जाते।
- इस समुदाय में जीवन के चरणों को उम्र के बजाय नाम परिवर्तन से पहचाना जाता है।
- इस विषय पर अध्ययन “लैंग्वेज एंड कॉग्निशन” नामक वैज्ञानिक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
अमोंडावा जनजाति का जीवन वर्तमान क्षण पर केंद्रित होता है और प्राकृतिक परिवेश की लय के अनुसार चलता है। उनका दृष्टिकोण यह दर्शाता है कि समय को मापने की अवधारणा सार्वभौमिक नहीं है, बल्कि यह भाषा और संस्कृति से प्रभावित होती है। हालांकि आधुनिक दुनिया के साथ बढ़ता संपर्क इस अनूठी सांस्कृतिक व्यवस्था के संरक्षण के लिए चुनौती भी बन सकता है।