अमरावती बनेगी देश की पहली एकीकृत फाइनेंशियल सिटी
आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती अब देश के आर्थिक नक्शे पर एक नया इतिहास रचने जा रही है। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने दौरे के दौरान घोषणा की कि अमरावती को भारत की पहली एकीकृत फाइनेंशियल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ उन्होंने कई राष्ट्रीयकृत बैंकों और वित्तीय संस्थानों की आधारशिला रखी, जिससे यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ने लगी है।
एकीकृत वित्तीय हब की शुरुआत
यह नया वित्तीय शहर सभी प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों को एक ही योजनाबद्ध स्थान पर स्थापित करेगा। सीतारमण ने इसे एक “अद्वितीय अवसर” बताया, जहां बैंक आधुनिक तकनीक और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक भवन बना सकेंगे। इस पहल से अमरावती के लंबे समय से रुके विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
परियोजना में शामिल प्रमुख संस्थान
इस महत्वाकांक्षी परियोजना में कई राष्ट्रीयकृत बैंक और वित्तीय संस्थान भाग ले रहे हैं। इनमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, आईडीबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, एपी ग्रामीण विकास बैंक, एपी कोऑपरेटिव बैंक, नाबार्ड, एलआईसी और न्यू इंडिया एश्योरेंस जैसी संस्थाएँ शामिल हैं। यह हब सीधे तौर पर लगभग 6,500 लोगों को रोजगार प्रदान करेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भरेगा।
सरकार की दृष्टि और किसानों के लिए समर्थन
वित्त मंत्री ने कहा कि किसी राजधानी शहर की नींव मजबूत आर्थिक व्यवस्था से ही बनती है। उन्होंने उन किसानों को धन्यवाद दिया जिन्होंने राजधानी निर्माण के लिए अपनी भूमि दान की। साथ ही, उन्होंने बैंकों से आग्रह किया कि वे केवल ऋण योजनाओं तक सीमित न रहकर किसानों और बागवानी क्षेत्र को व्यापक वित्तीय सहायता दें।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अमरावती को भारत की पहली एकीकृत फाइनेंशियल सिटी घोषित किया गया है।
- 15 से अधिक राष्ट्रीयकृत बैंक और वित्तीय संस्थान इस परियोजना में शामिल हैं।
- इस परियोजना से 6,500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
- परियोजना में किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और कृषि ऋण सुधारों पर जोर दिया गया है।
भविष्य की दिशा और नवाचार
केंद्र सरकार ने राज्य में क्वांटम वैली और एआई (Artificial Intelligence) से जुड़े प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की भी योजना बनाई है, जिससे युवाओं को भविष्य की तकनीकों में दक्ष बनाया जा सके। बैंकों को भी डिजिटल नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।