अबू धाबी में रूस-यूक्रेन-अमेरिका त्रिपक्षीय शांति वार्ता बिना निर्णायक समाधान के समाप्त
अबू धाबी में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच हुई ऐतिहासिक त्रिपक्षीय शांति वार्ता बिना किसी ठोस समझौते के समाप्त हो गई। पूर्वी यूक्रेन की क्षेत्रीय मांगों को लेकर गहरे मतभेदों के चलते कोई तत्काल प्रगति नहीं हो सकी। यद्यपि सभी पक्षों ने वार्ता जारी रखने पर सहमति जताई है, लेकिन डोनबास क्षेत्र की स्थिति इस संघर्ष के समाधान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।
युद्ध शुरू होने के बाद पहली त्रिपक्षीय वार्ता
यह दो दिवसीय वार्ता रूस-यूक्रेन युद्ध के आरंभ के बाद की पहली औपचारिक त्रिपक्षीय बातचीत थी। संयुक्त अरब अमीरात ने अबू धाबी में इस बैठक की मेज़बानी की, जिसका उद्देश्य अमेरिका द्वारा प्रस्तावित एक वार्तापरक ढांचे के माध्यम से संघर्ष में कमी लाना था।
वार्ता के दौरान यद्यपि कई मुद्दों पर गहन चर्चा हुई, लेकिन समय-सीमा, रियायतें या किसी संभावित समझौते के मसौदे पर कोई स्पष्टता नहीं आ सकी। हालांकि, अगले सप्ताह फिर से वार्ता की संभावना जताई गई है।
रूसी हमलों की छाया में वार्ता संपन्न
वार्ता समाप्त होने के कुछ ही घंटों बाद रूस ने कीव पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिसमें कम से कम एक नागरिक की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इन हमलों से कीव की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई और लगभग 12 लाख घरों में बिजली नहीं रही, जबकि शून्य से नीचे के तापमान में हज़ारों इमारतों में हीटिंग की सुविधा ठप हो गई।
इन हमलों ने यह स्पष्ट कर दिया कि एक ओर जहां कूटनीतिक प्रयास हो रहे हैं, वहीं जमीनी स्तर पर संघर्ष अब भी जारी है, जिससे शांति की प्रक्रिया अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
पूर्वी यूक्रेन पर रूस की अटल मांग
वार्ता के दौरान रूस ने पूर्वी यूक्रेन से यूक्रेनी सैनिकों की वापसी की अपनी पुरानी मांग को दोहराया, विशेषकर उन क्षेत्रों से जिन्हें रूस ने औपचारिक रूप से “अधिग्रहित” घोषित किया है, परन्तु जिन पर वह पूर्ण नियंत्रण नहीं रखता।
डोनबास क्षेत्र, जिसमें डोनेट्स्क और लुहान्स्क शामिल हैं, खनिज संसाधनों, औद्योगिक संरचना और प्रमुख परिवहन गलियारों की दृष्टि से रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। रूस इस क्षेत्र को किसी भी शांति समझौते के लिए अनिवार्य तत्व मानता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- डोनबास क्षेत्र में डोनेट्स्क और लुहान्स्क शामिल हैं, जो पूर्वी यूक्रेन के हिस्से हैं।
- संयुक्त अरब अमीरात अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का एक तटस्थ मंच बनकर उभरा है।
- रूस-यूक्रेन संघर्ष में अमेरिका मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
- क्षेत्रीय अखंडता (Territorial Integrity) अंतरराष्ट्रीय कानून का मूल सिद्धांत है।
यूक्रेन की ज़मीन पर समझौता अस्वीकार्य
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने एक बार फिर किसी भी क्षेत्रीय रियायत के प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि यूक्रेन अपनी ज़मीन नहीं छोड़ेगा। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान उन्होंने कहा कि “एक संभावित समझौता लगभग तैयार है”, लेकिन डोनबास पर यूक्रेनी संप्रभुता “असमझौतापूर्ण” है।
रूस की सख्त स्थिति और युद्धभूमि पर जारी लड़ाई के बीच अबू धाबी वार्ता इस संघर्ष के सबसे विवादास्पद मुद्दे को सुलझाए बिना समाप्त हो गई, जिससे यह स्पष्ट है कि स्थायी समाधान अभी भी दूर है।