अबला एल हवारी: मिस्र की संसद की अध्यक्षता करने वाली पहली महिला
मिस्र की संसदीय राजनीति में 12 जनवरी 2026 को एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ, जब वरिष्ठ सांसद अबला एल हवारी ने House of Representatives के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता की। 79 वर्षीय एल हवारी इस प्रकार मिस्र के 160 वर्ष पुराने संसदीय इतिहास में ऐसा करने वाली पहली महिला बनीं।
वरिष्ठता पर आधारित संवैधानिक परंपरा
मिस्र के संविधान के अनुसार, नई निर्वाचित संसद के पहले सत्र की अध्यक्षता सबसे वरिष्ठ सदस्य करते हैं। इस परंपरा के तहत अबला एल हवारी ने सभी 596 सदस्यों को शपथ दिलाई और स्पीकर तथा उपाध्यक्षों के चुनाव की निगरानी की। यह भूमिका भले ही अस्थायी हो, लेकिन महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी की दृष्टि से यह एक प्रतीकात्मक और प्रेरणादायक क्षण रहा।
प्रारंभिक जीवन और कानूनी पृष्ठभूमि
अबला एल हवारी का जन्म अप्रैल 1947 में सोहाग, अपर मिस्र में हुआ था। उनके पिता शेख मोहम्मद ओमर एल हवारी प्रसिद्ध कानूनविद् और 1960 के दशक में सांसद थे। इसी परिवेश में पली-बढ़ी अबला ने कानून की पढ़ाई की और एक विधिक शोधकर्ता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की।
संसदीय और प्रशासनिक योगदान
एल हवारी ने मिस्र की द्विसदनीय संसद के दोनों सदनों—Shura Council और House of Representatives—में काम किया। उन्होंने स्वास्थ्य और आवास जैसे सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े मंत्रालयों में मंत्री पद भी संभाला। संसदीय समितियों में उनका योगदान विधायी मूल्य, आचरण और नीतिगत प्रक्रिया को सुदृढ़ करने में अहम रहा।
मिस्र में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी
इस ऐतिहासिक अवसर पर एल हवारी दो युवा महिला सांसदों के साथ मंच पर थीं, जो देश में पीढ़ीगत बदलाव और लैंगिक समावेशिता की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है। आज मिस्र की संसद में 25% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं और महिलाएं एक-चौथाई से अधिक प्रतिनिधित्व दर्ज कर रही हैं।
UPSC प्रीलिम्स के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:
- मिस्र की House of Representatives में 596 सदस्य होते हैं।
- सबसे वरिष्ठ सांसद संसद के पहले सत्र की अध्यक्षता करते हैं।
- मिस्र के संविधान में 25% महिला आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
- अबला एल हवारी पहली महिला हैं जिन्होंने मिस्र की संसद का उद्घाटन सत्र संचालित किया।
अबला एल हवारी का यह कार्यकाल मिस्र के राजनीतिक इतिहास में महिला नेतृत्व की सशक्त उपस्थिति को दर्शाता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनता है।