अंतरिक्ष में अनोखी खोज: अत्यधिक चुंबकीय सफेद बौने तारे ने पैदा किया रंग-बिरंगा शॉकवेव

अंतरिक्ष में अनोखी खोज: अत्यधिक चुंबकीय सफेद बौने तारे ने पैदा किया रंग-बिरंगा शॉकवेव

खगोलशास्त्रियों ने हाल ही में अंतरिक्ष में एक दुर्लभ और रहस्यमय खगोलीय घटना का अवलोकन किया है, जिसमें एक अत्यधिक चुंबकीय सफेद बौना तारा (White Dwarf) अंतरिक्ष में यात्रा करते हुए एक विविध रंगों वाला शॉकवेव उत्पन्न कर रहा है। यह खोज यूरोपीय सदर्न ऑब्ज़र्वेटरी की वेरी लार्ज टेलीस्कोप से की गई है और इससे वैज्ञानिक समुदाय में उत्सुकता और जिज्ञासा दोनों उत्पन्न हुई है।

असामान्य द्वैत तारा प्रणाली

यह सफेद बौना तारा एक निकटवर्ती द्वैत प्रणाली (close binary system) का हिस्सा है, जो पृथ्वी से लगभग 730 प्रकाश वर्ष दूर औरिगा तारामंडल में स्थित है। यह एक कम द्रव्यमान वाले लाल बौने तारे के साथ गुरुत्वीय रूप से जुड़ा हुआ है।

दोनों तारे केवल 80 मिनट में एक-दूसरे की परिक्रमा करते हैं और इनके बीच की दूरी पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी के बराबर है।

सफेद बौना तारा अपने साथी तारे से गैस को खींच रहा है, जिसके कारण यह अत्यधिक गतिशील और उर्जावान बन गया है।

रंगीन बो शॉक का अवलोकन

यह बो शॉक (Bow Shock) नामक झटका तब बनता है जब तेज़ गति से चलने वाला तारा अंतरिक्ष में मौजूद गैस के साथ टकराता है। इस घटना से उत्पन्न संरचना विभिन्न रंगों में चमकती है:

  • लाल प्रकाश हाइड्रोजन गैस का संकेत देता है।
  • हरा रंग नाइट्रोजन की उपस्थिति दिखाता है।
  • नीला प्रकाश ऑक्सीजन की पहचान करता है।

इन सभी तत्वों को शॉकवेव गर्म और उत्तेजित करता है, जिससे यह अद्वितीय दृश्य सामने आता है।

वैज्ञानिकों के लिए रहस्य

साइमन स्कारिंगी के नेतृत्व में हुए अध्ययन के अनुसार, यह प्रणाली अन्य ज्ञात सफेद बौनों से भिन्न है क्योंकि इसके चारों ओर कोई गैस डिस्क (accretion disk) नहीं है — जबकि सामान्यतः इसी गैस डिस्क से शॉकवेव उत्पन्न होती है।

इसके बावजूद, यह तारा पिछले 1,000 वर्षों से निरंतर गैस अंतरिक्ष में उत्सर्जित कर रहा है और शॉकवेव बना रहा है। यह प्रक्रिया कैसे जारी रहती है, इसका उत्तर अब तक के मॉडल नहीं दे पा रहे हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सफेद बौने तारे 8 गुना तक के सौर द्रव्यमान वाले तारों का अंतिम विकास चरण होते हैं।
  • बो शॉक एक तेज़ गतिशील वस्तु के कारण अंतरिक्ष गैस के संपीड़न से बनता है।
  • वेरी लार्ज टेलीस्कोप चिली में स्थित है और यह यूरोपीय सदर्न ऑब्ज़र्वेटरी द्वारा संचालित है।
  • भविष्य में सूर्य भी एक सफेद बौना तारा बन जाएगा।

तारकीय विकास के अध्ययन में नई दिशा

यह खोज दर्शाती है कि सफेद बौने तारे अभी भी वैज्ञानिकों के लिए कई रहस्य समेटे हुए हैं। ये तारे सौर द्रव्यमान जितना द्रव्यमान एक पृथ्वी-आकार के आकार में समेटे होते हैं, और उनके व्यवहार में क्वांटम यांत्रिकी, चुंबकीय क्षेत्र, और गैस प्रवाह का जटिल संबंध होता है।

यह घटना यह भी दर्शाती है कि अंतरतारकीय अंतरिक्ष एक स्थिर माध्यम नहीं है, बल्कि यह निरंतर गति, ऊर्जा और तारकीय गतिविधियों द्वारा आकार लेता रहता है। इस खोज ने खगोलशास्त्र की दुनिया में एक नए अध्ययन क्षेत्र की संभावना खोल दी है।

Originally written on January 15, 2026 and last modified on January 15, 2026.

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