मात्रात्मक प्रदूषक वे होते हैं जो स्वाभाविक रूप से प्रकृति में पाए जाते हैं और जब इनकी मात्रा एक निश्चित सीमा से अधिक हो जाती है तो ये प्रदूषक बन जाते हैं। उदाहरण- कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड आदि।
This Question is Also Available in:
Englishಕನ್ನಡ